त्रिवेंद्रम में एक दिन में घूमने के लिए ईस्ट फोर्ट और श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर के आसपास से शुरुआत करें। फिर पास के कुथिरामलिका पैलेस म्यूज़ियम जाएँ और उसके बाद कोई संग्रहालय या कला दीर्घा चुनकर कनकक्कुन्नू पैलेस की ओर बढ़ें। समय हो तो चालई बाज़ार को भी बीच में शामिल किया जा सकता है।
इस मार्ग में पुराना किला क्षेत्र, सांस्कृतिक स्थल और बाज़ार शामिल हैं। हालाँकि, दिन की योजना बनाने से पहले संग्रहालयों के आगंतुक समय और मंदिर की व्यवस्थाओं की जाँच ज़रूर कर लें।
- शुरुआत: ईस्ट फोर्ट और मंदिर क्षेत्र।
- महल-संग्रहालय: कुथिरामलिका, फोर्ट परिसर में मंदिर के पास।
- इनमें से चुनें: नेपियर म्यूज़ियम या श्री चित्रा आर्ट गैलरी।
- बाद के पड़ाव: कनकक्कुन्नू पैलेस; चाहें तो चालई बाज़ार भी जाएँ।
एक नज़र में
7 जगहें · स्वाइप करें
01ईस्ट फोर्ट और मंदिर क्षेत्र से शुरुआत करेंईस्ट फोर्ट शहर का एक प्रमुख व्यावसायिक इलाका है और मंदिर क्षेत्र तथा पास के कुथिरामलिका पैलेस म्यूज़ियम…
02महल-संग्रहालय जाएँकुथिरामलिका पैलेस म्यूज़ियम, जिसे पुथेनमालिका पैलेस म्यूज़ियम भी कहा जाता है, फोर्ट परिसर में मंदिर के पास…
03संग्रहालय या कला दीर्घा चुनेंअपनी विशिष्ट वास्तुकला के लिए नेपियर म्यूज़ियम चुनें या एक और सांस्कृतिक पड़ाव के तौर पर श्री चित्रा आर्ट…
04कनकक्कुन्नू पैलेस में कुछ समय बिताएँसंग्रहालय क्षेत्र के बाद कनकक्कुन्नू पैलेस इस कार्यक्रम का अगला पड़ाव है। कनकक्कुन्नू पैलेस घूमने के लिए…
05समय हो तो बाज़ार भी जाएँचालई बाज़ार का प्रवेश ईस्ट फोर्ट से है, इसलिए उस इलाके में अपने समय की शुरुआत या अंत में यहाँ जाना एक…
06समय और स्थानीय परिवहन की व्यावहारिक जानकारीदिन की योजना आगंतुकों के लिए पुष्ट समय के अनुसार बनाएँ। यह न मानें कि पूजा का समय ही मंदिर के सामान्य…- 07अक्सर पूछे जाने वाले सवालनहीं। केवल हिंदुओं को मंदिर के भीतर जाने की अनुमति है। मंदिर के पहनावे संबंधी दिशा-निर्देशों में पुरुषों…

ईस्ट फोर्ट और मंदिर क्षेत्र से शुरुआत करें
ईस्ट फोर्ट शहर का एक प्रमुख व्यावसायिक इलाका है और मंदिर क्षेत्र तथा पास के कुथिरामलिका पैलेस म्यूज़ियम जाने के लिए सुविधाजनक शुरुआती जगह है। श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर का पूरा नाम यहाँ के आराध्य देवता पद्मनाभस्वामी को दर्शाता है, जिन्हें अनंत के नाम से भी जाना जाता है; शहर का नाम भी उनसे जुड़ा है।
मंदिर में पूजा का समय सुबह और शाम के अलग-अलग सत्रों में तय होता है; यह लगातार आगंतुकों के लिए खुला रहने का समय नहीं है। केरल टूरिज़्म के अनुसार, सुबह की पूजा 03:30–04:45, 06:30–07:00, 08:30–10:00, 10:30–11:10 और 11:45–12:00 बजे होती है। शाम की पूजा 16:30–18:15 और 18:45–19:20 बजे होती है। त्योहारों के दौरान समय में बदलाव हो सकता है।
केवल हिंदुओं को मंदिर के भीतर जाने की अनुमति है। पुरुषों को एड़ी तक की मुंडु या धोती पहननी चाहिए और कमीज़ नहीं पहननी चाहिए। महिलाएँ साड़ी, मुंडुम नेरियाथुम (सेट-मुंडु), स्कर्ट और ब्लाउज़ या हाफ़ साड़ी पहन सकती हैं। प्रवेश द्वार पर धोती किराये पर मिलती हैं और मंदिर प्रशासन इन्हें पैंट या चूड़ीदार के ऊपर पहनने की अनुमति देता है।

महल-संग्रहालय जाएँ
कुथिरामलिका पैलेस म्यूज़ियम, जिसे पुथेनमालिका पैलेस म्यूज़ियम भी कहा जाता है, फोर्ट परिसर में मंदिर के पास स्थित दो-मंज़िला महल है। इसके नाम का अर्थ “घोड़ों का महल” है और यहाँ लकड़ी के 122 घोड़े देखे जा सकते हैं।
पास का श्री उथ्राडोम तिरुनाल मार्तंड वर्मा चित्रालयम पिछले 200 वर्षों के त्रावणकोर के इतिहास, परंपराओं और संस्कृति को प्रस्तुत करता है। टेम्पल ट्रस्ट का कार्यालय सोमवार–शनिवार, 10:00–17:00 बजे खुला रहता है और रविवार को बंद रहता है; ये कार्यालय के समय हैं, संग्रहालय में आगंतुकों के प्रवेश के पुष्ट समय नहीं। दिन के इस हिस्से की योजना बनाने से पहले आगंतुकों के लिए लागू व्यवस्थाओं की अलग से पुष्टि कर लें।

संग्रहालय या कला दीर्घा चुनें
अपनी विशिष्ट वास्तुकला के लिए नेपियर म्यूज़ियम चुनें या एक और सांस्कृतिक पड़ाव के तौर पर श्री चित्रा आर्ट गैलरी जाएँ। इस कार्यक्रम में संग्रहालय और कला दीर्घा के लिए दोनों ही उपयुक्त विकल्प हैं।
नेपियर म्यूज़ियम परिसर तिरुवनंतपुरम के मध्य में है। नेपियर म्यूज़ियम का नाम मद्रास के पूर्व गवर्नर जनरल जॉन नेपियर के नाम पर रखा गया है। इसकी वास्तुकला में भारतीय, चीनी, केरल और मुग़ल शैलियों का मेल है। नेपियर म्यूज़ियम और श्री चित्रा आर्ट गैलरी त्रिवेंद्रम के संग्रहालयों में शामिल हैं।

कनकक्कुन्नू पैलेस में कुछ समय बिताएँ
संग्रहालय क्षेत्र के बाद कनकक्कुन्नू पैलेस इस कार्यक्रम का अगला पड़ाव है। कनकक्कुन्नू पैलेस घूमने के लिए वासुदेवम प्रीमियम किंग सुइट में ठहरने पर महल तक गाड़ी से पहुँचने में लगभग 33 मिनट लगते हैं।
शहर के सर्कुलर बस मार्ग के सारांश में ईस्ट फोर्ट को म्यूज़ियम और कनकक्कुन्नू से जोड़ा गया है, यानी मार्ग की जानकारी में ये पड़ाव एक-दूसरे से जुड़े हैं। परिसर और वहाँ जाने की योजना के बारे में अधिक जानने के लिए कनकक्कुन्नू पैलेस की जानकारी पढ़ें।

समय हो तो बाज़ार भी जाएँ
चालई बाज़ार का प्रवेश ईस्ट फोर्ट से है, इसलिए उस इलाके में अपने समय की शुरुआत या अंत में यहाँ जाना एक अच्छा वैकल्पिक पड़ाव है।

समय और स्थानीय परिवहन की व्यावहारिक जानकारी
दिन की योजना आगंतुकों के लिए पुष्ट समय के अनुसार बनाएँ। यह न मानें कि पूजा का समय ही मंदिर के सामान्य खुलने का समय है। मंदिर में सुबह और शाम के अलग-अलग पूजा सत्र होते हैं, जबकि टेम्पल ट्रस्ट के कार्यालय के समय से संग्रहालय में प्रवेश का समय तय नहीं होता।
सर्कुलर बस मार्ग का सारांश ईस्ट फोर्ट, म्यूज़ियम और कनकक्कुन्नू को जोड़ता है, लेकिन उसमें मौजूदा समय-सारणी नहीं दी गई है। यात्रा से पहले ताज़ा समय-सारणी, प्रवेश की व्यवस्थाओं और मंदिर के समय में हुए किसी भी बदलाव के लिए आधिकारिक वेबसाइट देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या हर कोई श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर में जा सकता है?
नहीं। केवल हिंदुओं को मंदिर के भीतर जाने की अनुमति है। मंदिर के पहनावे संबंधी दिशा-निर्देशों में पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग नियम भी दिए गए हैं।
क्या टेम्पल ट्रस्ट के कार्यालय का समय ही संग्रहालय खुलने का समय है?
नहीं। सोमवार–शनिवार के कार्यालय समय को संग्रहालयों में आगंतुकों के प्रवेश का समय नहीं बताया गया है। वहाँ जाने की योजना बनाने से पहले प्रवेश की अलग से पुष्टि करें।
क्या ईस्ट फोर्ट, म्यूज़ियम और कनकक्कुन्नू तक बस से जा सकते हैं?
शहर के सर्कुलर बस मार्ग का सारांश इन जगहों को जोड़ता है, लेकिन उसमें मौजूदा समय-सारणी नहीं दी गई है। यात्रा से पहले स्थानीय बस सेवा की जानकारी जाँच लें।
त्रिवेंद्रम की एक दिन की सैर में कौन-से संग्रहालय शामिल कर सकते हैं?
इस कार्यक्रम में कुथिरामलिका पैलेस म्यूज़ियम, नेपियर म्यूज़ियम और श्री चित्रा आर्ट गैलरी विकल्प हैं। त्रिवेंद्रम के संग्रहालयों की मार्गदर्शिका में और विकल्प दिए गए हैं।
